मेहा

ज़बीं से छू सको

तो चख लो सौंध

नीम की धुर्रियां

मानो इत्तर माफ़िक़

मटमैले और गेंहुए में

जो फ़र्क़ है

सारे का सारा बिखेर के

मेहा ने

फिर ज़िन्दगी ना समेटने की

हिदायत दी है देखो